ताजपुर /समस्तीपुर दिल्ली पब्लिक स्कूल के प्रांगण में सामाजिक बदलाव में शिक्षा की भूमिका विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश से एजुकेशन एक्टिविस्ट गौरव जैसवाल ने कहा कि देश मे हर मुद्दे पर बात होती है लेकिन शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर बहुत विरले ही बात होती है। हर स्कूल में शिक्षा संवाद होनी चाहिए जिसमें शिक्षक भाग लें। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य सामाजिक बदलाव है। जिस शिक्षा से बदलाव नही हो पा रहा है जो शिक्षा नहीं है। उन्होंने बताया किटिनलैंड शिक्षा के क्षेत्र में बहुत आगे है। उसकी बी वजह ये है कि उन्होंने गांधी जी के नई तालीम व्यवस्था को अपनाया है। लेकिन भारत ने गांधी जी के नई तालीम व्यस्था जिसमे कैशल शिक्षा की बात कही गयी है उसे छो? दिया। उन्होंने कहा कि संविधान के उद्देशिका को हर बिद्यालय में पाने की आवश्यकता है ताकि शिक्षा के द्वारा जो बदलाव हो वो संविधानिक मूल्यों के अनुसार हो समाज के हाशिए पर रह रहे बच्चों में शिक्षा की अलख जगाने वाली एजुकेशन एक्टिविस्ट सरिता राय ने कहा कि आज ?रूरत इस बात की है कि जिन बच्चों का बचपन अपने घर की परवरिश करने में खो जाता है जो स्कूल सिर्फ इस लिए नही जा पाते कि स्कूल जाएंगे तो उनके घर मे खाना नही बनेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों को शिक्षा से जो?ने के लिए किसी संस्था की आवश्यकता नही है। हर इंसान इसे अपनी ?िम्मेदारी समझ कर उन बच्चों के चेहरे पर मुस्कान ला सकता है।ऑक्सटोर्ड इंटरनेशनल स्कूल, किशन गंज के संचालक तफहीमूर रहमान ने कहा कि शिक्षा का पहला उद्देश्य इंसान बनाना होना चाहिए। अगर शिक्षा पा कर लोग तैमूर लंग, हलाकू, हिटलर और मुसोलिनी बन रहे हैं या एटम बम बना कर हिरोशिमा पर गिरा रहे हैं तो ऐसी शिक्षा बेकार है। ग्रेट इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी नजमुल हुदा सानी ने कहा कि शिक्षा नफरतों को खत्म करता है। शिक्षा से भेदभाव दूर होती है। उन्होंने कहा कि समाज मे जाति धर्म और सभी तरह के भेदभाव को शिक्षा ही दूर कर सकती है। दलित मुस्लिम समाज के संस्थापक डॉ अय्यूब राईन ने कहा कि शिक्षा से बदलाव आता है इसका सबसे ब? उदाहरण मैं खुद हूं। उन्होंने कहा खेतों में मजदूरी करके पत्ता चुन कर कर पाई की और पीएचडी तक कि प?ाई मोकम्मल की। ये शिक्षा का ही देन है कि एक पिछ? परिवार में जन्म के बाद भी आगे ब?। सेमिनार की अध्यक्षता ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड प्रोफेसर अनीस सदरी ने की जबकि मंच संचालन लेखक तारि? इ?बाल ने की। धन्यवाद ज्ञापन दिल्ली पब्लिक स्कूल के निदेशक मसूद हसन ने किया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य शिक्षा का व्यापारीकरण करना नही बल्कि शिक्षा को मानव मूल्यों से जो?ना है। मोके पर स्कूल के विद्याथियों ने भी इस मुद्दे पर अपनी विचार रखे जिसे काफी सराहा गया।
सामाजिक बदलाव ही शिक्षा का उद्देश्य है- गौरव जैसवाल