अल्लाह की बारगाह में गिड़गिड़ा कर मांगी दुआ

अमरोहा । नबी-ए-करीम के बताए रास्तों पर चलकर ही दुनिया और आखिरत को कामयाब किया जा सकता है। यकीन मानिए, अगर आपने नबी के तौर-तरीकों को जिंदगी में नहीं अनपाया गया तो बरोजे कयामत शर्मिंदगी का सामना करना पडेगा। अगर, उनकी तालीमात पर अमल नहीं करेंगे तो फिर गुलामी का दम भरना बेकार है। इन ख्यालात का इजहार जामिया इस्लामिया अरबिया जामा मस्जिद में आयोजित मरादाबाद मंडल के तब्लीगी इज्तमा में बांटा के मदरसा जामिया हथौडा के उस्ताद मुफ्ती जहीरूल इस्लाम बाराबंकी ने किया। उन्होंने कहा तब्लीग नबियों का काम है, यह अल्लाह का अहसान और करम है कि वो अपने बंदों से भी तब्लीग का काम ले रहा है। मेवात से तशरीफ लाए मौलाना सत्तार ने कहा कि आज इस्लाम दनियाभर में तेजी से फैल रहा है. यह सब तब्लीग का ही असर है। इस जोड से हिंदस्तान के कई शहरों के लिए 40 से अधिक जमातों को रवाना किया गया है। यह जमाते घर-घर जाकर सिर्फ और सिर्फ दीन की तालीम को आम करेंगी। क्योंकि, कई शहरों में आज भी कौम के लोग इस्लाम के पैगाम से परी तरह वाकिफ नहीं है। जमातों को रवाना करने से पहले मफ्ती जहीरूल इस्लाम ने मुल्क में अमन और कौम की सलामती के लिए दआ कराई। दआ में शहर व आसपास देहात क्षेत्र से हजारों लोगों ने अल्लाह की बारगाह में गिड़गिड़ाकर दुआएं मांगी। इस मौके पर मुफ्ती मोहम्मद शाहिद, मौलाना मोहम्मद इस्माईल साहब, मुफ्ती रियासत अली. मफ्ती अब्दल गफर, मफ्ती मोहम्मद जाहिद, हाफिज मोहम्मद फरमान, मुफ्ती हमजा अब्बासी, मास्टर जाकिर हुसैन, मुफ्ती मोहम्मद सालिम, मुफ्ती रिफाकत हुसैन, मुफ्ती मोहम्मद असलम मौजूद रहे।